अपन शत्रुसँ प्रेम करू आ जे अहाँकेँ सताबैत अछि, ओकरा लेल प्रार्थना करू। अइसँ अहाँ स्वर्गमे विराजमान अपन पिताके योग्य सन्तान बनि जाएब।