Friedrich Nietzsche Motivational Maithili Quotes


जर्मन दार्शनिक फ्रेडरिक नीत्से केँ पश्चिमके महान दार्शनिसभमेसँ गिनल जाइत अछि।हुनकर किताब “ज़रथुस्त्र की वाणी(हिन्दी अनुवादमे उपलब्ध)” दुनियाक श्रेष्ठतम रचनामे गिनाइ छै।

हुनका महान विचारसभसँ जानल जाइ छै जेना ,”The death of God”, “Will to power”, “Last Man” आदि । विश्वमे बहुतेक कवि, श्रृष्ठा हिनकासँ प्रभावित भेल छथि।



Born: October 15, 1844, Röcken, Lützen, Germany

Died: August 25, 1900








1. सङ्गीतके बिना… जीवन एको गलतीये हतै।



2. ई प्रेमके कमीसँ नइँ, दोस्तीके कमीसँ विवाहके दुखदायी बनाबै छै।



3.जे हमरासभके मारै नइँ छै उ मजबुत बनबै छै…



4. हम दुखी अइ दुआरे नइँ छियै कि तु हमरासँ झुठ बाजलीही,
हम अइ दुआरे दुखी छियै
कि आब हम तोराप यकीन नइँ करि सकबौ।



5. …आओर जे लोक नाँच करैत रहै गीतके धुनपर,
ओकरासभकेँ जे बहिर लोक छै से पागल समझलकै.



6. हम एक चीज छियै,
हमर रचना एकाे आओर चीज छियै।





7. प्रेममे किछ पागलपनि सबदिन रहै छै,
लेकिन पागलपनिमे कोनो न कोनो कारण रहै छै।




8. जेभी कोइ राक्षससँ लडै छै,
ओकरा धीयान रखना चाही कि लडैत लडैत कहि अपनो उ राक्षस नइँ बनि जाए।
जँ अहाँ बहुत देर तक खाइधके आँखि देखेबै…
तँ खाइध सेहो अहाँकेँ आँखि देखाब लागत।



9. अहाँके अपन रस्ता य, हमर अपन रस्ता छै।
आब जत धरि सही रस्ता , उचित रस्ता आओर एकेटा सही रस्ताके बात अछि, 
उ बात कतो छैहे नइँ



10. स्वर्गमे, सब मजेदार लोकसभके अभाव छै।



11. कहियो कहियो लोक अइ दुआरे सँच सुन नइँ सकै छै…
किए कि ओ नै चाहै छै जे ओकर भ्रण टुटि जाइ।



12. एत कोनो तथ्य नइँ छै, मात्रे व्याख्या छै।



13. जइ दिन एकोबेर खुलिक नइँ नाँचलियै,
उ प्रतेक दिनके बेकार दिनके रूपमे गनल जेबाक चाही।



14. ज्ञानी व्यक्तिकेँ मात्रे अपन दुश्मनसँ प्रेमेटा नइँ,
अपन मित्रसभसँ नफरत कएनाइ सेहो जानबाक चाही




15. हम उ भगवानमे विश्वास नइँ करि सकै छियै 
जे हमेसा अपन प्रशंसा सुनैलेल चाहै छै।




16. जिन्का जीयैके कारण छै,
उ किछो सहन करि सकै छै।










17. कोइ अहाँके लेल ओहन पुल नइँ बनाएत जइँप चढ़िक
अपन जिवन धाराके अहाँ पार करि सकबै, से कोइ नइँ बनाएत।
बस्स अहाँ बनाए सकबै।




18. जखन हमरासभ थाकि जाइ छियै, तँ उहो विचारसभ आक्रमण करि दै छै,
जेकरा बहुत पहिने जीत चुकल रहै छियै।




19. जे साँप अपन केचुवा नइँ छोड़ि सकै छै, तकरा मर’ पड़ै छै,
ओहने जे दिमाग, सचकेँ देखैत अपन विचारके बदैल नइँ सकै छै तकरो मर’ पड़ै छै।



20. कमजोर स्मरण शक्तिके ई फाइदा अछि जे एकटा बढ़िया चीजके बेर बेर करू,
आओर पहिल बेर जकाँ आनन्द उठाउ ।



21. मानव सबसँ क्रुर जानवर छियै।




22.कोनो युवाके भ्रष्ट करैके पक्का तरिका अछि जे ओेकरा निर्देशण दियाै,
“जे तोरासँ अलग साेचै छाै
ओकर नइँ जे तोरे जकाँ सोचै छाै ओकर खुब सम्मान कर”



23. कि भगवानके मात्रे एगो गलती छियै मानव ?
या मानवके मात्रे एगाे गलती छियै भगवान ?



24.प्रत्येक गम्भीर विचारक गलत समैझ जाइके तुलनामे
सही अर्थ नइँ समैझ लए ताहिसँ बेसी डरै छै।




25. भावनाके छाह छियै सोच - हमेसा गहीर, खाली आ सरल ।




26. आस्था : सच कि छै से जानैलेल नइँ चाहू ।




27. जतेक उपर हमसब उडै छियै,
ओतबे जे नइँ उडि सकलै ओकरा छोट बुझाइ छै।




28. सच्चा व्यक्ति दुइटा चीज चाहै छै: खतरा आ खेल ।
इहे कारणसँ महिलाकेँ सभसँ खतरनाक खेलाैना बुझै छै।




29. भयानक गहिराइके बिना कोनो सुन्दर सतह नइँ अछि।



30. दुनियाँमे दुइ किसिमके लोक छै।
एक जे जान’ चाहै छै, दोसर जे मान’ चाहै छै।




31. सबटा महान विचार चलैत काल आबै छै।



32. सब चीज व्याख्या पर निर्भर रहै छै।
कखनि कोन व्याख्या मान्य हेतै ई सत्यपर नइँ शक्ति पर निर्भर रहै छै।




33. वास्तवमे, मात्र एकेटा क्रिश्चियन रहेै,
आओर उ क्रसपर मरि गेलै।



34. जे प्रेमवश कएल जाइ छै उ,
नीक या खराबसँ बाहार रहै छै।




35. हमरा केवल कागजके एक टुक्री आ किछु लिखैके लेल चाही,
आओर तखनि हम दुनियाके उलैट सकै छियै।





36. चुप्पी बदतर होइ छै;
सत्य जेकरा माैन राखल जाइ छै से विखाह बनि जाइ छै।





37.अहाँके अन्तर आत्माके पुकार कि कहै य ?
- “अहाँके उ व्यक्ति बनि जेना चाही, जे अहाँ भितर छियै ।”




38. अदृश्य धागा सभसँ मजबूत बन्धन होइ छै।



39. सायद हम बहुत बढिया जँका बुझै छियै कि,
मात्रे आदमीये किए अकेले हसैबला प्राणी छियै,
किएकि ओकरा अकेले एतेक दर्द सहै छै, कि ओकरा हँसिके अविष्कार कर’ परलै।




40. लोक दुइ किसिमके होइ छै, गुलाम आ दोसर मुक्त मनुष्य ।
जेकरा दिनके दुइ तिहाइ भाग अपना लेल नइँ छै से गुलाम अछि,
चाहे जे भी होइ: नेता, व्यापारी, कलाकार, या विद्वान् ।





41. एक धार्मिक लोकके सम्पर्कमे अएलाक बाद हमरा सबबेर लागै छै,
कि अपन हातके जरूर धाेइ लेबा चाही।





42. एको विचार तखनि आबै छै जखन ओकरा आबैके रहै छै,
नइँ कि जखनि हम चाहू।




43. दूरदर्शी अपनेसँ झुठ बोलै छै,
झुठ्ठा व्यक्ति मात्रे दोसरसँ बोलै छै।




44. महिला भगवानके दोसर गलती रहै।



45. आशा, वास्तविकतामे सब खराबीमेसँ इ खराबी छियै,
किएकि इ लोकके तकलीफके बढाबै छै।




46. क्यो अपन गुरूके कर्जा नीकसँ नइँ चुकाए सकै छै।
उ सदैव शिष्य बनले रहै जाइ छै।




47. जखनि ओकर काम बाेल’ लागै तँ,
लेखकके अपन मुह बन्द राखना चाही।





48. हम कताै जाइ छियै तँ, हमर पाछु पाछु
एगो कुत्ता हमरा पाछुवाबैत रहै छै जेकरा “घमण्ड” कहै छै।


49. मुक्तिके ‘प्रमाण’ कि छियै ?
जखन अपना सामनेमे अपनाकेँ लाज नइँ हुअ परए ।



50. असत्यके तुलनामे सत्यके खतरानाक दुश्मन विश्वास अछि।



51. दुनियामे मनुष्यकेँ ओकर क्रोधके जूनूनसँ बेसी आओर किछो नाश नइँ करि सकै छै।




buttons=(Accept !) days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !